मुझे तुम्हारा डरना पसंद है,
घबराना पसंद है,
बात करने से कतरा जाना पसंद है...
और जब हमारी खामोशी के बीच
तुम सोचते रहते हो मेरे बारे में
उस सोच की आंच पसंद है।
रिश्तों में यह तपिश बरक़रार रहे,
तुम रहो, मैं भी रहूँ,
बात ना हो फिर भी एक बात रहे...
Thursday, November 30, 2017
रिश्तों की आंच
Wednesday, November 22, 2017
Friday, November 10, 2017
फ़र्क़ है
"किसी से प्यार हो जाना और
उससे शादी करने की ख्वाहिश,
दोनों में ज़रा सा फ़र्क़ होता है।
प्यार ऐसा है जैसे पेड़ों पे फूल
आते देख खुश हो जाना।
और शादी करने की चाह कुछ
यूँ है के उस फूल को तोड़ कर
अपने कमरे में ला कर सजा देना,
कुछ दिनों तक जिंदा रख कर
लोगों को दिखाना।
वैसे तो दोनों ही बातें खूबसूरत है;
मगर........फ़र्क़ है।"
Monday, October 23, 2017
Rukmini song
ज्यों श्याम पड़ो मोरे पीछे, पर मैं ना उसकी होइ;
मैं हूँ जोगन, जिसको चाहूँ, उसकी धुन में खोई..
रुक्मिणी तू काहे मीरा को, राधा समझ के रोइ...
तेरो श्याम रख आँचल में, मेरो श्याम और कोई...
मन में राधा तन पे कान्हा, सगरी रैन ना सोई,
तू क्या जाने तोरे मन की खबर रखे हैं कोई...
रुक्मिणी तू काहे मीरा को, राधा समझ के रोइ...
ज्यों श्याम पड़ो मोरे पीछे, पर मैं ना उसकी होइ;
प्रेम ही पूजा, प्रेम ही जीवन, प्रेम से बचे ना कोई,
श्याम नाम से राधा-मीरा, तोरी ही प्रीत में खोई।
रुक्मिणी तू काहे प्रिये को, सौतन समझ के रोइ...
Band aid
"Judai ke baad kisi aur ke seene me sir rakh ke ro lena,
Saste jooto ke saath hamesha do band-aid khareed lena..."
Once for all
"Did you ever think while kissing,
that it would be our last kiss?
I thought that way every time
I kissed your tears...
Cry once, once for all..."
Wednesday, September 20, 2017
ढाई सदी..
मुझे पता है तुम्हारी बालकॉनी से समंदर दिखता है... तुम हर खुशी के मौके पे दौड़के आते हो वहां; कभी कभी रोने भी... कभी चाहनेवालों को हाथ ह...
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Tumhari yaadon mein aksar kuch cheezein bhul jati hoon... Ab tumhare hisse ka shakkar bhi chay mein daal ke pee jati hoon... Tumhara ...
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rishton ki milawatein ho jati hai dil mein , benaam rishton se hi lehek jati hoon... marasim aise na bante dekha kabhi chhoone se pahle ...
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jab bhi teri ankhein bolti hai Urdu Urdu si hawaah chalti hai... aksar nam aankhon mein teri, meri baatein bhig jati hain... ek ghazal ubhar...
