Saturday, February 25, 2017

Nayi Ghadi- Naya Waqt

नयी घड़ी के साथ शायद नया वक़्त आ जाए,
इसी तरह दुनिया अब उम्मीद खरीद लेती है।

मैं भी धड़ी धड़ी, धड़ी बदल लेती हूँ...

Adh padhi kitabein

अध् पढ़ी किताबें उम्मीद से बैठी है..
फुरसत के इंतज़ार में, रिश्ते हो जैसे।।












वक़्त तो सबको बराबर मिल जाता है;
मसरूफ़ियत भी एक मजबूरी है वैसे।।

Tuesday, January 3, 2017

Teri gali se guzarte huye...

घर लौटते वक़्त कहीं
फिसल न जा ना जाना;
तेरी गली से गुज़रते हुए
यादों की बारिश हुई...

Friday, August 19, 2016

Hota hai...


 नल को बन्द करने के बाद भी,
दो चार बूंदे गिर गयी... 
ठीक जैसे रिश्ता.. 
"है" से "था " 
हो जाने के बाद भी... 

होता है...

Nal ko bandh karne ke baad bhi,
do chaar boondein gir gayi...
thik jaise rishta.. 
"hai" se "tha" 
ho jane ke baad bhi...

 Hota hai....

#Aaina #manalichakravarty #manali #rishta #hotahai #nazm #dialoguekindapoem #thoughts

Tuesday, July 26, 2016

सच

तुम मौत की तरह सच हो,
एक मुलाक़ात तो लाज़मी है....

Friday, January 8, 2016

मुलाक़ात

तुझसे मिलते रहने के लिए मुलाक़ात ज़रूरी नहीं।
यूँही ख्वाबों में बहने के लिए हकीकत ज़रूरी नहीं...

हर मौसम गुज़रा है तेरे बेगैर मगर तेरे साथ ही।
राधा बनु या मीरा,इंतज़ार का अंत ज़रूरी नही...

Wednesday, December 9, 2015

स्वयंसेवक

स्वयंसेवक आशिक़ों की
कमी नहीं।
पूछते रहते हैं
क्या सेवा कर सकता हूँ।
जैसे मेरी मदद करने से
उनको मोक्ष प्राप्ति होगी।
एकदिन मांग ली सहायता
तो वे परेशान हो गए।
बस इतना ही कहा था के
बहुत दिनों से रोया नहीं।
रुला सकते हो मुझे?

ढाई सदी..

मुझे पता है तुम्हारी बालकॉनी से समंदर दिखता है... तुम हर खुशी के मौके पे दौड़के आते हो वहां; कभी कभी रोने भी... कभी चाहनेवालों को हाथ ह...